पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला: 3 बार वार्ता विफल, तीसरे दिन भी परिजन ने नहीं लिया जीतू का शव

 बाड़मेर ग्रामीण थाने में कस्टडी के दाैरान जितेंद्र खटीक उर्फ जीतू की मौत का मामला तीसरे दिन भी शांत नहीं हुआ। शनिवार काे 8 घंटे में 3 स्तर पर वार्ता हुई। इनमें आर्थिक सहायता, बच्चाें की पढ़ाई फ्री कराने तथा मृतक के एक आश्रित काे नाैकरी सहित कुछ मांगाें पर ताे सहमति बनी, लेकिन सीबीआई जांच और एसएचओ की गिरफ्तारी पर ठाेस आश्वासन नहीं मिलने पर वार्ता विफल हाे गई। इस कारण तीसरे दिन भी न ताे शव काे उठाया जा सका, न ही उसका पाेस्टमार्टम कराया जा सका। 


भाजपा का प्रतिनिधिमंडल परिजन से मिलेगा


उधर, रविवार काे भाजपा का प्रदेश प्रतिनिधिमंडल बाड़मेर जाएगा और धरना स्थल पर मृतक के परिजनों से मिलेगा। जाेधपुर में खटीक समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत से भी मिलेगा। इसके लिए रविवार काे समय मिला हुआ है। शनिवार काे धरना स्थल पर बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने वार्ता की। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मिलकर फिर मांगें रखी। तीसरे दाैर की वार्ता कलेक्टर अंशदीप के साथ हुई थी। परिजनाें का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। 


पुलिस हिरासत में हुई थी युवक की मौत
27 फरवरी को जितेंद्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। उसे पाइप चाेरी के आराेप में पुलिस ने 26 फरवरी काे बिना एफआईआर दर्ज किए हिरासत में लिया था। इस मामले में एसएचओ दीप सिंह को सस्पेंड करने के साथ ही पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया गया था। बाद में एसपी व डीएसपी को भी एपीओ किया गया था।